Important for UPSC/PCS/UGC-NET/PGT Exam.
होमर (Homer)
होमर एक कवि थे उन्होंने इलियड (Illiad) तथा ओडेसी (Odessy) नामक ग्रंथों की रचना किया तथा इन रचनाओं में होमर ने भौगोलिक ज्ञान को सीमा-अँकित किया, होमर ने उदय तथा अस्त होते सूर्य का विवरण देते हुए बताया कि सुबह सूर्य समुद्री धारा से निकलता है तथा साईं काल पुनः उसी धारा में डूब जाता है, होमर ने पृथ्वी के ऊपर स्थित आकाश में स्वर्ग माना है, यह लोहे के चार स्तंभों पर टिका है, इन स्तंभों को एटलस नामक शक्तिशाली पुरुष ने रोक रखा है!
एनक्सिमेण्डर (Anaximander)
एनक्सिमेण्डर के अनुसार पृथ्वी ठोस पिण्ड है जो गोलाकार आकृति में ब्रह्मांड के मध्य में स्थित है अनेक गणितीय आकलन करने के उपरांत उन्होंने विश्व का सर्वप्रथम मानचित्र बनाया, इन्होंने मापनी पर प्रथम मानचित्र बनाया था, यह थेल्स का शिष्य था, थेल्स एवं एनक्सिमेण्डर को गणितीय भूगोल का जन्मदाता माना जाता है!
हैकेटियस (Hecataeus)
इनकी पुस्तक जेसपीरियोडस (Gesperiodus) थी जिसमें Periodus का शाब्दिक अर्थ पृथ्वी का वर्णन था, इस पुस्तक का दूसरा नाम डिस्क्रिप्शन ऑफ द अर्थ (Description of the Earth) था, इसमें विश्व का प्रादेशिक वितरण दिया गया था, इस आधार पर हैकेटियस को ही प्रादेशिक भूगोल का संस्थापक माना जा सकता है, इस पुस्तक में विश्व के बारे में उपलब्ध भौगोलिक ज्ञान को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया था!
हेरोडोटस (Herodotus)
इन्होंने सर्वप्रथम मिस्र की यात्रा की, जहां नील नदी को देखा, नील नदी के मुहाने का अध्ययन करके सर्वप्रथम डेल्टा शब्द प्रस्तावित किया और मिस्र को नील नदी की देन कहा, इनकी प्रमुख पुस्तक हिस्टेरोग्राफी (Histeography) है इन्हें इतिहास का पिता भी कहा जाता है!
इरेटोस्थनीज़ (Eratosthenes)
इनकी प्रमुख पुस्तक ज्योग्राफिया (Geographya) थी जिस में इन्होंने प्रथम बार गणित के आधार पर भूगोल की व्याख्या किया इन्होंने ही ग्लोब पर प्रमुख अक्षांश और देशांतर का निर्धारण किया, इन्होंने ही पहला ऐसा मानचित्र बनाया जिस पर अक्षांश और देशांतर रेखाएं खींची हुई थी, इन्होंने ही उस समय सीमित संसाधनों में पृथ्वी की परिधि की गणना की तथा इन्होंने ही भूगोल शब्द का प्रथम बार उपयोग किया, इतने महत्वपूर्ण कार्य करने के कारण मार्टिन ने इरेटोस्थनीज़ को भूगोल का जनक कहा है!
पोसिडोनियस (Posidonius)
पोसिडोनियस ने भौतिक भूगोल को तर्कसंगत विधि से विकसित करने का सराहनीय कार्य किया है, उन्होंने क्रमबद्ध रूप से ज्वार भाटा, पृथ्वी की परिधि की लंबाई, महासागरों की गहराई, का आकलन करके बताया कि अमावस्या अथवा पूर्णिमा के आसपास ज्वार सबसे ऊंचा आता है, इनके इन्हीं महत्वपूर्ण योगदान के कारण इन्हें भौतिक भूगोल का पिता कहते हैं!
इस प्रकार यूनानी भूगोलवेत्ताओं का निम्नलिखित विषयों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है:-
1.भौतिक भूगोल 2.गणितीय भूगोल 3.प्रादेशिक भूगोल 4.मानचित्र कला
इसी टॉपिक से संबंधित कुछ प्रश्न तथा उत्तर संक्षिप्त विवरण के साथ आपको नीचे दिए गए वीडियो में मिल जाएगा :-
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